सीएसटीएआरआई में "पाइप्ड वाटर सप्लाई सिस्टम (ऑपरेशन एवं अनुरक्षण)" के 240 घंटे के पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने हेतु व्यवसाय समिति की बैठक आयोजित.
जलापूर्ति एवं स्वच्छता क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विकसित किए गए "पाइप्ड वाटर सप्लाई सिस्टम (ऑपरेशन एवं अनुरक्षण)" के 240 घंटे के पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए सीएसटीएआरआई में व्यवसाय समिति (Trade Committee) की बैठक आयोजित की गई।.
इस बैठक में नाबादिगंता इंडस्ट्रियल टाउनशिप अथॉरिटी (NDITA), कोलकाता, नाबा दिगंता वाटर मैनेजमेंट लिमिटेड, कोलकाता नगर निगम, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी – राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान (SPM-NIWAS), डायमंड हार्बर रोड, जोका, कोलकाता – 700104, केंद्रीय जल आयोग, कोलकाता, केंद्रीय भू-जल बोर्ड, जल जीवन मिशन, जल शक्ति मंत्रालय तथा अन्य अग्रणी संगठनों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम की विषय-वस्तु, व्यावसायिक मानकों, व्यावहारिक दक्षताओं तथा उभरती हुई क्षेत्रीय आवश्यकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया, ताकि पाठ्यक्रम को प्रासंगिक, व्यापक एवं उद्योगोन्मुख बनाया जा सके।.
बैठक में श्री सुनील कुमार, आईएएस, निदेशक, युवा, कौशल, रोजगार एवं प्रशिक्षण, बिहार सरकार भी उपस्थित रहे। उन्होंने बिहार में "हर घर नल का जल" योजना के क्रियान्वयन से प्राप्त अनुभव साझा करते हुए जमीनी स्तर की चुनौतियों पर प्रकाश डाला तथा पाठ्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।.
समिति द्वारा प्रस्तुत अनुशंसाओं ने पाठ्यक्रम को और अधिक परिष्कृत एवं सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पाठ्यक्रम जल जीवन मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप एक मजबूत, उद्योग-संगत एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण रूपरेखा प्रदान करेगा तथा देशभर में पाइप्ड वाटर सप्लाई सिस्टम (ऑपरेशन एवं अनुरक्षण) के संचालन एवं अनुरक्षण हेतु कुशल तकनीशियनों की उपलब्धता को और सुदृढ़ करेगा।.